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Showing posts from October, 2020

इक्के की सवारी..…एक याद

हमारे पापा उत्तर प्रदेश की राजकीय सेवा में थे इसलिए हमारे गृहनगर इलाहाबाद  से बाहर ही नियुक्ति रहती थी। पापा साल में दो बार जरूर गांव आते थे एक तो जब रामलीला होती वो गांव की रामलीला में लक्ष्मण का किरदार निभाने छुट्टी लेकर आते थे, परशुराम लक्ष्मण संवाद का मंचन होता था। दूसरा तब जब गर्मी की छुट्टियां होती थी। हम बच्चों को गांव में रहने और वहां से हमारा जुड़ाव बना रहे क्योंकि बहुत बड़े परिवार में अन्य सदस्य वहीं रहते थे इसलिए हर साल गांव जाते थे।  हमारे बचपन में गांव तक पक्की सड़क नहीं बनी थी। *इक्का* ही चलता था। तब कोई संचार के साधन नहीं थे जैसे आज है।चिठ्ठी से ख़बर पहुंचती थी ।निश्चित दिन हमारे बड़े भैया ( ताऊजी के बेटे) गांव परिवार के कुछ लोगों को साथ लेकर सैदाबाद स्टेशन आते इक्का रिजर्व साथ में । हम अपने दो भाईयो के साथ *इक्के* की सवारी करते गांव पहुंचते, कच्ची सड़क पर पूरा हिलते डुलते हुए। गांव के बाहर ही छोटे बच्चे जो हमउम्र थे हमारे वो इंतज़ार करते रहते थे।जैसेही कोई *इक्का* दिखता चिल्लाना शुरू.... ......आई गए, आई गए चाचा आई गए.... ........कुछ बच्चे इक्के पर सवार हो जाते,...

परम्परा.. एक स्मृति

सर्व विदित है कि नवरात्र जगतजननी माँ दुर्गा की पूजा,व्रतके साथ पूरी श्रद्धा एवं भक्ति भाव से मनाया जाता है।इलाहाबाद में प्रत्येक दिन किसी न किसी मोहल्ले की चौकी निकलती है, नवरात्र की समाप्ति के अगले दिन दशहरा का पर्व भी उत्साह पूर्वक मनाते है। इलाहाबाद में एक विशिष्टता यह भी थी कि घरों में रामचरित मानस का पाठ भी होता था।कहीं से भी गुजरो हर रास्ते में किसी न किसी घर में या छत पर जाते ही हर दिशा से रामचरित मानस पाठ के स्वर सुनाई देते थे। 28 साल से अपना शहर छूट गया, अब याद जरूर आती है।हमारे घर मे भी हर साल रामायण पाठ होता अगले दिन पूर्णाहुति हवन होता,इस दौरान बड़ी अम्मा,मम्मी,बुआ,मामी,मौसी,बड़ी भाभियाँ,दीदी और मोहल्ले की सब महिलाएं पारंपरिक लोक भक्तिगीत गाती,पूरा भक्तिमय वातावरण से घर एक मंदिर जैसा होता था। तत्पश्चात प्रसाद वितरण के साथ ही रात्रिभोज भी होता था।हम रात में जागते थे और रामायण पढ़ने वाले लोगों के लिए अदरक,कालीमिर्च,तुलसी वाली चाय बनाते थे।उस समय रामायण पढ़ने के लिए मंडली नही बुलाई जाती थी। संयुक्त परिवार था,घर परिवार और गाँव से लोग आते थे और पूरे उत्साह से ढोलक हारमोनियम मजीरा बज...