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Showing posts from April, 2022

गर्मियों के वो दिन

बहुत याद आते है वो दिन बचपन की गर्मियों के शाम होते ही  छत को पानी से भिगोना गद्दों को ज़मीन पर लाइन से बिछाना बड़ो के लिए चारपाई पर बिस्तर लगाना मटके में पानी भर लाना किनारे पर कौन सोएगा होती थी नोकझोंक देर रात तक चलता, किस्से कहानियों का दौर  जाने कब सो जाते नींद के आगोश में चाँद-तारों की छाँव में भोर में चिड़ियों का कलरव जगाता था जो न जगता उस पर पानी छिड़का जाता था। गर्मी की रात,अब भी होती है मगर वो बात कहाँ होती है कोई टीवी के सामने बैठा तो कोई मोबाइल में मगन  दादी नानी के किस्से अब नहीं होते हैं एक छत के नीचे सब अजनबी से रहते हैं सुबह भी वो अब होती नही नींद दस से पहले टूटती नहीं दिन-रात एक से होते हैं एसी के बंद कमरे में  सबके समय कटते है। ~~Poonam Tripathi       26/04/2022

कोरोना में माँ बाप का साया सिर से उठ गया,उन बच्चों को समर्पित

वक़्त कब कहाँ ठहरता है रंग रूप बदलता रहता है उपवन की हरियाली को पतझड़ बेरौनक करता है। फिर बात वहीं पर आती है ज़मीं नहीं किसी की थाती है स्वीकार मनुज ज्यों करता है अवचेतन मन जी उठता है। आँखों में लेकर ख्वाब चले उम्मीदों का आकाश लिए, कुछ कदम चले हौले-हौले कुछ वायु वेग के हिचकोले, ज्यों-ज्यों कदम बढ़ाता मैं विस्मित होता जाता मैं, कुछ पल बंद करी पलकें कोरों से अश्रुबिंदु छलके निराशा की छाया न ठहरी बँधी रही आशा की गठरी, ख्वाबों का स्पंदन जारी था हर मुश्किल पर वह भारी था इतना भी आसान नहीं ख्वाबों का पूरा होना बहुत मायने रखता है माँ-बाबा का साया होना।। ~~~~Poonam Tripathi             29/03/2022             Pantnagar

बीते का अफसोस क्या

मौसम जो बीत गया उसका अफ़सोस क्या करो वर्तमान को जीते चलो। मौसम तो आते जाते हैं जीवन के गुजरे पल वापस कभी आते नहीं, इसलिए जियो हर पल उल्लास से,जी भर मौसम की आवृत्ति पर फिर जी लेना,जी भर।। सब कुछ वैसा ही निखरेगा सूरज-चंदा चमकेगा फूलों से धरा सजेगी बरखा शीतल बरसेगी, संग संग बीतेगा हमारा जीवन का इक बसंत, चाँदनी बालों की खिलेगी विस्तारित अनुभव बेल होगी झुर्रियों के आवरण से चेहरे की गरिमा बढ़ेगी। हर दिन एक सा न होगा कोई अनचाहा मिलेगा चाहने वाला छूटेगा, काश,अगर और मगर अक्सर लगा ही रहेगा इसलिए जी लो जी भर देख लो सब नयन भर प्यार बाँटो, प्यार पाओ जो बुरा हो, भूल जाओ छूट जायेगा यहीं सब कोई जानता नहीं,कब! इसलिए कहती हूँ प्यारे, वक़्त अच्छा या बुरा था आखिर बीत ही गया, उसका अफसोस क्या करो हर दिन हर पल जीवन का खुशनुमा मौसम करो।। ~~~Poonam Tripathi        12/04/2022         Pantnagar