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Showing posts from February, 2023

क्षणिकाएं:::::

क्षणिकाएं---- 1.  मौसम ने रंग हज़ार बदले      हर रंग सँजोकर रखते रहे      अपनों ने जब रंग बदले      आँसुओं में मुस्कराते रहे।। 2.  चुप रहते तो बिखर जाते      कह गए तो सुकून है,      कुछ रिश्ते बिखर जाते      संभाल पाए तो सुकून है।।   3. जिंदगी तुझसे शिकायतें न थी     रह रह कर दर्द बढ़ाती क्यों है     जिंदगी तुझसे चाहतें कम न थी     हर घड़ी इम्तिहान लेती क्यों है।। ---Poonam Tripathi      09/02/2023

बसंत बहार

आवइ जब बसंत क बेला सरसों फुलाई, खेत सब पीला रंग बिरंगा फूल फुलाय बाग बगीचा सब महकाय लीची जामुन फुलाय लागय आमवउ कुलि बौराय लागय शिवरात के बम बम भोले छानय लगेन भाँग कई गोले भरि भरि बलटा ठंडई बनवइ लोटा भरिके मस्त सब झोरई होली नियराय खुशी जन जन फगुआ गावै झूमि सब जन होलिका गड़ई गाउँ के ओरिया देवर भउजिन से पराई दुरिया झौआ भरि भरि चिप्स कटई अम्मा घामे डारि के झुरवई  गुड्डू अम्मा के ताड़े रहई कच्चई लइके पराई चलई  चिप्स पापड़ क होई बहार मठरी खुरमा गुझिया तैयार फगुआ खेलइ रंग लगाई दुश्मनउ होई गले लगि जाई चारिउ ओरि खुशियाली रहई बसन्त बहार जियरा मा बसई।। ~~~Poonam Tripathi         15/03/2022          Pantnagar